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सन 1925 में ईस्ट इंडिया रेलवे के अंतर्गत क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान. चंदौसी को रेलवे स्कूल ऑफ ट्रांसपोर्टेशन के रूप में स्थापित किया गया था और यह भारतीय रेल का सबसे पुराना प्रशिक्षण संस्थान है.

श्री जी. आर. डेन इसके पहले प्रधानाचार्य थे. श्री लक्ष्मण प्रसाद, पहले भारतीय अधिकारी थे जो सन 1938 में स्कूल के अधीक्षक बने.स्कूल के नामकरण में भी कई महत्वपूर्ण परिवर्तन आये .इसका मूल नाम रेलवे स्कूल ऑफ ट्रांसपोर्टेशन था जो सन 1953 में जोनल ट्रेनिंग स्कूल और 1994 में क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र में बदल दिया गया , अंतत 19-नव. -2003. में क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में इसका वर्तमान नामकरण किया गया. यह आईएसओ 9001:2000 प्रमाणित प्रशिक्षण संस्थान है.

शुरूआत में यातायात और वाणिज्य विभाग के अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के साथ-साथ सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल और सिग्नल एवं दूरसंचार विभागों के कर्मचारियों को भी, प्रशिक्षण प्रदान किया जाता था.हालांकि, 1930 में भारतीय रेलवे के अधिकारियों का प्रशिक्षण देहरादून में और बाद में 1953 में रेलवे स्टाफ कॉलेज वडोदरा में स्थानांतरित कर दिया गया. 1986 में सिविल इंजीनियरिंग के कर्मचारियों का प्रशिक्षण का कार्य इन्जीनियरिंग ट्रेनिंग सैंटर,कानपुर में स्थानांतरित कर दिया गया. इसी प्रकार, 1995 में यांत्रिक और एस एंड टी के कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिये क्रमशः एसटीसी, लखनऊ, और एस एंड टी ट्रेनिंग सेंटर, गाजियाबाद स्थानांतरित कर दिया गया.

वर्तमान में संस्थान मुख्य रूप से परिवहन, वाणिज्य व लेखा विभाग के और यांत्रिक विभाग के रनिंग स्टाफ को परिवहन के प्रशिक्षण के लिए ग्रुप 'सी' के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करता है . प्रारंभिक, पदोन्नति और पुनश्चर्या के स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके अलावा कुछ विशेष पाठ्यक्रम भी चलाये जाते हैं. संस्थान का प्रशिक्षण क्षेत्राधिकार उत्तरी रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे तक है. 87 एकड़ में फैला क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण केन्द्र, चंदौसी यातायात, यांत्रिक तथा लेखा विभागों को बहुआयामी प्रशिक्षण देने में उत्कृष्टता के लिए आईएसओ 9001 प्रमाणित विशाल परिसर है.

क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान की शैक्षिक सुविधाओं में 20 क्लास रूम (16 व्याख्यान कक्ष और 4 परीक्षा हॉल) और 4 पुस्तकालय (जनरल, हिंदी, आपरेटिंग, और वाणिज्य) सम्मिलित है. कक्षाओं में सामान्यतया कुल 750 प्रशिक्षार्थियों की बैठने की क्षमता है. प्रत्येक कक्षा में इंटरेक्टिव व्हाइट बोर्ड, एलसीडी प्रोजेक्टर, कंप्यूटर के साथ जुडा प्रोजेक्टर लगा है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में इन सुविधाओं का महत्वपूर्ण योगदान है जो प्रशिक्षुओं की स्मृतियों में उच्च स्थान रखती है. गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सीधे तौर पर प्रशिक्षण पा रहे कर्मचारियों द्वारा ट्रेन संचालन में 'संरक्षा' को प्रभावित करता है.

विषयेत्तर (Extracurricular) गतिविधियों के लिए संस्थान में शैक्षणिक परिषद, सांस्कृतिक समिति, प्रश्नोत्तरी(Quizzing) समिति, खेलकूद व क्रीडा समिति आदि, विभिन्न कार्यों में सक्रिय समितियों है, प्रशिक्षुओं के मनोरंजन और प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए ये समितियां नियमित रूप से विभिन्न आयोजन करती रहतीं हैं. शनिवार को प्रशिक्षुओं के मनोरंजन के लिए फिल्म प्रदर्शित की जाती है. परिसर में कैंटीन और पीसीओ की सुविधा भी उपलब्ध हैं. कक्षा प्रतिनिधि और कार्यालय पदाधिकारियों से मिलकर बनी मैस समिति प्रशिक्षुओं के लिये भोजन-व्यवस्था करती है. वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी के अधीन एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी कार्य कर रहा है.

संरक्षा से संबंधित मुद्दों पर यह संस्थान नोडल थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है और प्रशिक्षुओं, संकाय सदस्यों, पर्यवेक्षकों और रेलवे अधिकारियों के लिये नियमित रूप से सेमिनार और कार्यशालाओं के आयोजित की जातीं हैं ताकि इस माध्यम से रेल प्रशासन के लिए नीति बनाने के लिए इनपुट प्रदान किया जा सके. अग्निशमन का प्रशिक्षण नियमित रूप से प्रदर्शन के माध्यम से दिया जाता है. संस्थान प्रमुख प्रधानाचार्य (जे ए जी) को उप प्रधानाचार्य, प्रोफेसर लेखा, और परिवहन, वाणिज्य और यांत्रिक शाखा के 27 अनुदेशक सहयोग करते हैं.

The Zonal Railway Training Institute. Chandausi was setup in 1925 as Railway School of Transportation under East India Railway and is the oldest training Institute of Indian Railways.

Shri G. R. Dain was its first Principal. Shri Laxman Prashad, was the first Indian officer to head the School as Superintendent in 1938.
The nomenclature of the School has also undergone many important changes. The original name was Railway School of Transportation which was changed to Zonal Training School in 1953 and to Zonal Training Centre in 1994, finally to its present nomenclature as Zonal Railway Training Institute in 19-Nov-2003.This is an ISO 9001:2000 CERTIFIED Training institute.

Initially training was imparted to both the officers and supervisors of Traffic and Commercial Department as also to the staff of Civil Engineering, Mechanical and Signal & Telecommunication Departments. However, Training of Officers of Indian Railways was shifted in 1930 to Dehradun and later in 1953 to R.S.C., Vadodra. In 1986, training for Civil Engg. Staff was Shifted to Engg. Trg. Centre, Kanpur. Similarly in 1995, training for Mechanical and S&T staff was shifted to STC, Lucknow and S&T Trg. Centre, Ghaziabad respectively.

Presently the Institute caters primarily to the training of Group ‘C’ staff of Transportation, Commercial & Account departments and the running staff of Mechanical department for their transportation training. Training is imparted at Initial, Promotion and Refresher stages. In addition some special courses are also arranged. The training jurisdiction of the Institute extends over Northern Railway and North Central Railway. Zonal Railway Training Centre, Chandausi has a sprawling 87 acre campus accredited with ISO 9001 for excellence in imparting multi-faceted training to Traffic, Mechanical & Accounts departments.

The ZRTI has academic facilities comprising of 20 class rooms (16 lecture rooms & 4 Examination halls) & 4 libraries (General, Hindi, Operating & Commercial). The class rooms have a total normal seating capacity of 750 trainees. The class rooms are equipped with state of art training aids like interactive white boards, LCD Projectors, Projecting Station along with a computer in each class room. These facilities give vital contribution in imparting quality education which has higher retention in the memories of trainees. The training quality directly affects the ‘Safety’ of train operations in the field by the staff undergoing training.

For extracurricular activities, the Institute has various functionally vibrant committees such as Academic Council, Cultural Committee, Quizzing committee, Sports and Games committee, etc. These Committees organize various events regularly for recreation and talent promotion of the trainees. Film shows are organized on Saturday for entertainment of the trainees. Canteen and PCO facility are also available in the campus. A Mess Committee comprising of Class Representatives and office Bearers manages messing arrangement of the trainees. A Primary Health Centre is also functioning under Sr.Divisional Medical Officer.

The Institute acts as the nodal think tank on safety related issues and regular seminars and workshops are organized involving Trainees, Faculty Members, Supervisors and officers for providing inputs for policy making to the Railway administration. Fire fighting training by demonstration is also provided regularly. The institute is headed by Principal (JAG) assisted by Vice Principal, Prof. Accounts, and 27 Instructors from Transportation, Commercial and Mechanical field.